PM मोदी से मिले आंध्र प्रदेश के CM जगन मोहन रेड्डी, जानिए क्या बात हुई?

मुख्यमंत्री जगन ने पीएम मोदी से तेलंगाना डिस्कॉम मामले में दखल देने का अनुरोध किया है.
BQP HindiBQ डेस्क
Last Updated On  17 March 2023, 6:57 PMPublished On   17 March 2023, 6:57 PM
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी (Jagan Mohan Reddy) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. केंद्र से राज्य को विशेष दर्जा देने के साथ राज्य से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की. जगन रेड्डी ने प्रधानमंत्री से पेंडिंग फंड की भी मांग की है.

PM से मुलाकात हुई क्या बात हुई?

उन्होंने PM से फंडिंग, पोलावरम डैम और नए मेडिकल कॉलेज की मंजूरी देने समेत राज्य के विकास से जुड़े कई मामले को बातचीत के दौरान उठाया.

मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने PM मोदी से तेलंगाना डिस्कॉम मामले में दखल देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि तेलंगाना डिस्कॉम ने अभी तक आंध्र प्रदेश को 7,058 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया.

पोलावरम परियोजना के लिए मांगा पैसा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पोलावरम परियोजना पर हो रहा काम जारी रहे, इसके लिए पीएम मोदी से 2600.74 करोड़ रुपये को मंजूरी देने को कहा. जगन रेड्डी ने कहा राज्य सरकार पोलावरम परियोजना पर दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ रही है.

परियोजना का निर्माण आंध्र प्रदेश के लोगों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा को पूरा करने के लिए किया जा रहा है. अगर केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए पर्याप्त सहायता देती है तो ये परियोजना कम समय में पूरी हो जाएगी.

पोलावरम परियोजना के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने अपने खजाने से 2600.74 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि राज्य के बंटवारे को नौ साल हो चुके हैं. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों से जुड़े कई द्विपक्षीय मुद्दे अनसुलझे हैं. मेरा आपसे अनुरोध है कि इन पर तत्काल ध्यान दें.

लाभार्थियों का भी मामला उठाया

उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल फूड सिक्योरिटी के तहत लाभार्थियों के चयन में लैक ऑफ रेशनलिटी के कारण राज्य पर बोझ बढ़ रहा है. इस पर राज्य सरकार को करीब 5,527 करोड़ रुपये का बोझ उठाना पड़ रहा है.

इस संबंध में नीति आयोग ने भी फैसला किया है कि आंध्र प्रदेश की दलील सही है और वे उचित कार्रवाई करना चाहते हैं. मैं अनुरोध करता हूं कि केंद्र सरकार को राज्य को 'अप्रयुक्त राशन कोटा' आवंटित करना चाहिए.

उन्होंने बताया कि केंद्र ने राज्य के विभाजन के समय विशेष दर्जा देने का वादा किया था. मैं इस मांग को फिर से दोहरा रहा हूं.

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लेखकBQ डेस्क
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